कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए

 7. कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- 'छाया मत छूना कविता में कवि ने मानव की कामनाओं लालसाओं के पीछे भागने की प्रवृत्ति को दुखदायी माना है क्योंकि इसमें अतृप्ति, असफलता के सिवाय कुछ नहीं मिलता। हम विगत की सुखद स्मृतियों के सहारे जी नहीं सकते, हमें वर्तमान में जीना है जो हमेशा कठिन होता है। दुविधाग्रस्त मनःस्थिति व समयानुकूल आचरण न करने से भी जीवन में दुख आ सकता है। व्यक्ति प्रभुता या बड़प्पन में उलझकर स्वयं को दुखी करता है। कवि ने इन कारणों से दूर रह कर सिर्फ वर्तमान का सामना करने को कहा है।