धूत कहौ... वाले छंद में ऊपर से सरल व निरीह दिखलाई पड़ने वाले तुलसी की भीतरी असलियत एक स्वाभिमानी भक्त हृदय की है। इससे आप कहाँ तक सहमत हैं?

 4. धूत कहौ... वाले छंद में ऊपर से सरल व निरीह दिखलाई पड़ने वाले तुलसी की भीतरी असलियत एक स्वाभिमानी भक्त हृदय की है। इससे आप कहाँ तक सहमत हैं?


उत्तर:- हम इस बात से सहमत है कि तुलसी स्वाभिमानी भक्त हृदय व्यक्ति है क्योंकि धूत कहौ... वाले छंद में भक्ति की गहनता और सघनता में उपजे भक्त हृदय के आत्मविश्वास का सजीव चित्रण है, जिससे समाज में व्याप्त जाति-पाँति और दुराग्रहों के तिरस्कार का साहस पैदा होता है। वे कहते हैं कि उन्हें संसार के लोगों की चिन्ता नहीं है कि वे उनके बारे में क्या सोचते हैं। तुलसी राम में एकनिष्ठा एवं समर्पण भाव रखकर समाज में व्याप्त दूषित रीति-रिवाजों का विरोध करते है तथा अपने स्वाभिमान को महत्व देते हैं।