शारीरिक वंश परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार की दृष्टि से मनुष्यों में असमानता संभावित रहने के बावजूद अंबेडकर समता को एक व्यवहार्य सिद्धांत मानने का आग्रह क्यों करते हैं? इसके पीछे उनके क्या तर्क


प्रश्न उत्तर

4. शारीरिक वंश परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार की दृष्टि से मनुष्यों में असमानता संभावित रहने के बावजूद अंबेडकर समता को एक व्यवहार्य सिद्धांत मानने का आग्रह क्यों करते हैं? इसके पीछे उनके क्या तर्क


उत्तर:- शारीरिक वंश-परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार की दृष्टि से मनुष्यों में असमानता संभावित रहने के बावजूद अंबेडकर समता को एक व्यवहार्य सिद्धांत मानने के पीछे यह तर्क देते हैं कि समाज के सभी सदस्यों से अधिकतम उपयोगिता प्राप्त करने के लिए, सबको अपनी क्षमता को विकसित करने तथा रुचि के अनुरूप व्यवसाय चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। राजनीतिज्ञ को अपने व्यवहार में एक व्यवहार्य सिद्धांत लाने की आवश्यकता रहती है और यह व्यवहार्य सिद्धांत यही होता है कि सव मनुष्यों के साथ समान व्यवहार किया जाए। उन्हें समान अवसर दिए जाए ताकि उनमें मानसिक स्तर पर भेदभाव उत्पन्न न हो।