हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा हालदार साहव पहले मायूस क्यों हो गए थे?

 2.1 हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा हालदार साहव पहले मायूस क्यों हो गए थे?


उत्तर:- हालदार साहब इसलिए मायूस हो गए कि कैप्टन अब मर चुका है और उसके समान कोई देश प्रेमी नहीं था जिसकी नेताजी जैसे देशभक्त के लिए सम्मान की भावना हो. उसके मर जाने के बाद अव् कौन इस जिम्मेदारी का निर्वाह करेगा।


2.2 हालदार साहव ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है ?


उत्तर:- मूर्ति पर लगे सरकंडे का चश्मा इस बात का प्रतीक है कि आज देश की आने वाली पीढ़ी के मन में देशभक्तों के लिए सम्मान की भावना है। भले ही उनके पास साधन न हो परन्तु फिर भी सच्चे हृदय से बना वह सरकंडे का चश्मा भावनात्मक दृष्टि से मूल्यवान है। अतः उम्मीद है कि बच्चे गरीवी और साधनों के विना भी देश के लिए कार्य करते रहेंगे।