पाठ के आधार पर वालगोविन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।

 6. पाठ के आधार पर वालगोविन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।


उत्तर:- वालगोविन भगत के गीतों में एक विशेष प्रकार का आकर्षण था। कवीर के पद उनके कंठ से निकलकर सजीव हो उठते थे। खेतों में जब वे गाना गाते तो स्त्रियों के होंठ विना गुनगुनाए नहीं रह पाते थे। गर्मियों की शाम में उनके गीत वातावरण में शीतलता भर देते थे। उनके गीतों में जादुई प्रभाव था, संध्या समय जब वे अपनी मंडली समेत गाने वैठते तो उनके द्वारा गाए पदों को उनकी मंडली दोहराया करती थी, भगत के स्वर के आरोह के साथ श्रोताओं का मन भी ऊपर उठता चला जाता और लोग अपने तन-मन की सुध-बुध खोकर संगीत की स्वर लहरी में तल्लीन हो जाते थे।