भाव स्पष्ट कीजिए और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है उसे विफलता नहीं उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

 4. भाव स्पष्ट कीजिए और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है उसे विफलता नहीं उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

उत्तर:- इसमें कवि द्वारा गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की भूमिका के महत्त्व को दर्शाया गया है। जब संगतकार मुख्य गायक के पीछे-पीछे गाता है तब वह अपनी आवाज़ को मुख्य गायक की आवाज़ से अधिक ऊँचे स्तर पर इसलिए नहीं जाने देता ताकि मुख्य गायक की महत्ता कम न हो जाए। यही हिचक (संकोच) उसके गायन में झलकती है। वह कितना भी उत्तम क्यों न हो परन्तु स्वयं को मुख्य गायक से कम ही रखता है। कवि आगे कहता है कि यह उसकी असफलता का प्रमाण नहीं अपितु उसकी मनुष्यता का प्रमाण है कि वह शक्ति और प्रतिभा के रहते हुए स्वयं को ऊँचा नहीं उठाना चाहता, बल्कि अपने गुरु और स्वामी को महत्व देने की कोशिश करता है।