आवत गारी एक है, उलटत होइ अनेक । कह कबीर नहिं उलटिए, वही एक की एक।।2।। on May 02, 2022 आवत गारी एक है उलटत होइ अनेक । कह कबीर नहिं उलटिए वही एक की +
आवत गारी एक है, उलटत होइ अनेक । कह कबीर नहिं उलटिए, वही एक की एक।।2।। on April 27, 2022 आवत गारी एक है उलटत होइ अनेक । कह कबीर नहिं उलटिए +