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मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूं, शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूं, हो जिस पर भूपों के प्रसाद निछावर मैं वह खंडहर का भाग लिए फिरता हूँ!
मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूं, शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूं, हो जिस पर भूपों के प्रसाद निछावर मैं वह खंडहर का भाग लिए फिरता हूँ!
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