हरषि राम भेटेउ हनुमाना। अति कृतग्य परम सुजाना ॥ तुरत वैद तब कीन्हि उपाई। उठि बैठे लछिमन हरपाई ॥ हृदयँ लाइ प्रभु भेटेउ भ्राता। हरपे सकल भालु कपि व्राता ॥ कपि पुनि बैद तहाँ पहुँचावा। जेहि विधि तवहिताहि लइ आवा ॥ on April 29, 2022 हरषि राम भेटेउ हनुमाना। अति कृतग्य परम सुजाना ॥ तुरत वैद +