तव प्रताप उर राखि प्रभु, जैहउँ नाक तुरंग। अस काहि आयसु पाइ पद, वंदि चलेउ हनुमंत भरत वाहु बल सील गुन प्रभु पद प्रीति अपार । मन महुँ जात सराहत, पुनि पुनि पवनकुमार on April 29, 2022 जैहउँ नाक त अस काहि आयसु पाइ पद तव प्रताप उर राखि प्रभु वंदि चले +